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BrahMos Vs Kh-69: एक 'तूफानी' रफ्तार तो दूसरी 'स्टील्थ' की जादूगर, रूसी ऑफर में कौन ताकतवर? दोनों Su-30MKI की कहलाती 'पिशाचनी'
Zee News
BrahMos Vs Kh-69 Missile: भारत की सैन्य क्षमता को लेकर एक दिलचस्प रणनीतिक समीकरण सामने आया है. एक तरफ भारत और रूस के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित ब्रह्मोस मिसाइल है, तो दूसरी ओर Kh-69 स्टील्थ क्रूज मिसाइल का ऑफर.
BrahMos Vs Kh-69 Missile: दुनिया के बदलते भू-राजनीतिक समीकरण के बीच, भारत-रूस की दोस्ती परवान पर है. चाहे वह डिफेंस डील हो या पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर सौदा. दोनों देशों ने तमाम दबावों को दरकिनार करते हुए, अपनी दोस्ती को नए आयाम पर पहुंचाया है. इसी बीच रूस ने भारत को अपनी स्टील्थ Kh-69 मिसाइल को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ भारत को ऑफर किया है. यह मिसाइल इंडियन एयरफोर्स के Su-30 लड़ाकू विमान से दागी जा सकती है. ऐसे में यह जानना बेहद दिलचस्प हो जाता है कि भारत की ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल से यह मिसाइल कितनी अलग है. तो चलिए आसान भाषा में दोनों की ताकत जानते हैं. : देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें .

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.

C-130J Super Hercules: भारत सरकार जल्द ही MTA प्रोग्राम के लिए Request for Proposal (RFP) जारी करने की तैयारी में है. बढ़ी हुई रेंज वाला C-130J भारत की अलग-अलग जरूरतों के लिए अधिक उपयोगी माना जा रहा है. इसमें लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, आपदा राहत मिशन और छोटे रनवे से ऑपरेशन शामिल हैं. अधिक रेंज होने से विमान बिना बार-बार ईंधन भरे बड़े इलाके को कवर कर सकेगा.








