
Bird Strike: विमान से क्यों टकराते हैं पक्षी? क्या हैं इससे बचने के उपाय? जानें
Zee News
एक अनुमान के मुताबिक औसतन हर रोज 34 पक्षी विमान से टकराते हैं. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हर साल विमान कंपनियों को बर्ड स्ट्राइक की वजह से 7 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है.
नई दिल्ली: जुमा के रोज जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मुंबई (Mubai) से जयपुर (Jaipur) पहुंची गो एयर (Go Air) की फ्लाइट से एक पक्षी टकरा गया. हादसे के बाद विमान का नोजल डैमेज (nasal damage) हो गया. हालांकि, हादसे में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ. पाइलट ने अपनी सूझ बूझ से तैयारे को एयरपोर्ट पर उतारा. विमान को चेक करने के बाद इंजीनियरों ने विमान को दोबार उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी. दिल्ली से इसके पुर्जे मंगवा कर इसे शाम तक ठीक किया गया और फिर उड़ान भरने की इजाजत दी गई.
इंजन में लगी आग विमान से पक्षी के टकराने को बर्ड स्ट्राइक (Bird strike) कहा जाता है. यह पहला मौका नहीं है जब कोई चिड़िया किसी विमान से टकराई हो और उसे नुकसान हुआ हो. इससे पहले इसी माह के शुरूआत में सोशल मीडिया (Social Media) पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें नजर आ रहा था कि विमान में आग लगी थी और यात्री इससे उतर कर भाग रहे थे. यह हादसा अमेरिका के न्यू जर्सी में मौजूद अटलांटिक सिटी एयरपोर्ट (Atlantic City Airport) में हुआ था. विमान जैसे ही एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाला था उससे एक पक्षी टकरा गया और विमान (Plane) हादसे का शिकार हो गया. विमान में 100 यात्री सवार थे. लेकिन विमान के अलावा किसी को भी नुकसान नहीं हुआ.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.

Astra MkII missile: भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO अब अपनी सबसे आधुनिक मिसाइल Astra MkII को दुनिया भर में बेचने की तैयारी कर रहा है. हालिया रिपोर्ट की मानें तो इस मिसाइल को 2026 के मध्य तक बड़े पैमाने पर उत्पादन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही, कई देशों ने इस भारतीय मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों में लगाने की इच्छा भी जाहिर की है.

Pinaka LRGR-120: भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी कामयाबी हासिल कर ली है, जिसने दुश्मनों की रातों की नींद उड़ा दी है. स्वदेशी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' अब इतना ताकतवर और सटीक हो गया है कि वह 120 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के कमांड सेंटर को पलक झपकते ही तबाह कर सकता है. इसी बीच खबर यह भी है कि फ्रांस ने पिनाका रॉकेट खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. वहीं, US की रिपोर्ट में भी पिनाका रॉकेट की तारीफ की है.





