
Barabanki Accident: बस-ट्रक की टक्कर में अब तक 15 की मौत, प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
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उत्तर प्रदेश (UP) के बाराबंकी में दिल्ली से बहराइच जा रही बस और दूसरी ओर से आ रहे ट्रक में आमने-सामने की टक्कर (Barabanki Accident) हो गई. इस दुर्घटना में 15 बस यात्रियों की मौत हो गई है. घटना में 27 यात्री घायल हुए हैं.
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश (UP) के बाराबंकी में दिल्ली से बहराइच जा रही बस और दूसरी ओर से आ रहे ट्रक में आमने-सामने की टक्कर (Barabanki Accident) हो गई. इस दुर्घटना में 15 बस यात्रियों की मौत हो गई है. घटना में 27 यात्री घायल हुए हैं. इनमें से कई यात्रियों को ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है.
जानकारी के मुताबिक यह पूरा हादसा (Barabanki Accident) बाराबंकी के देवा थाना क्षेत्र के बबुरिया गांव के पास गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे हुआ. दिल्ली से बहराइच जा रही टूरिस्ट बस जैसे ही बबुरिया गांव के पास पहुंची, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई. टक्कर के दौरान रफ्तार इतनी तेज थी कि बस और ट्रक के परखच्चे उड़ गए.

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










