
Assam में Amit Shah का ऐलान, Love & Land जेहाद रोकने के लिए कानून बनाएगी BJP
Zee News
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस-AIUDF गठबंधन और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कांग्रेस को बिकी हुई पार्टी करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी असम और उसकी पहचान को नहीं समझते हैं.
कमालपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) असम (Assam) के दौरे पर हैं. शुक्रवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, 'अगर BJP असम की सत्ता में आती है तो लव एवं लैंड जेहाद (Love and Land Jihad) के खतरे पर काबू के लिए कानून बनाया जाएगा.' इस दौरान शाह ने कांग्रेस-AIUDF गठबंधन पर भी निशाना साधा और उनपर घुसपैठ (Infiltration) को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. शाह ने कहा कि इससे राज्य की डेमोग्राफी बदलने का खतरा है. हमें असमिया संस्कृति और सभ्यता को मजबूत बनाने के लिए उचित कानून व नीतियां तैयार करनी होंगी. बता दें कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में भी सांप्रदायिक बहिष्कार व अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले संगठनों और व्यक्तियों की पहचान व उन्हें खत्म करने के लिए नई नीतियां लागू करने का फैसला किया है.
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










