
Andhra Pradesh में भी खत्म हुआ Corona Vaccine का स्टॉक, सीएम जगन मोहन ने पीएम मोदी से मांगी मदद
Zee News
देश के बाकी राज्यों में धीरे-धीरे कोरोना वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने लगा है. अब आंध्र प्रदेश सरकार ने भी केंद्र से और कोरोना टीके भेजे जाने की मांग की है.
अमरावती: देश में कोरोना वैक्सीन की कमी बड़ा संकट बनती जा रही है. आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh) ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसके पास कोविड टीके (Corona Vaccine) का कोई भंडार नहीं बचा है. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी (Jagan Mohan Reddy) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को पत्र लिखकर कोरोना वैक्सीन की 60 लाख डोज तुरंत भेजने की मांग की है. शुक्रवार को लिखे पत्र में सीएम जगन मोहन रेड्डी (Jagan Mohan Reddy) ने कहा, ‘श्रीमान्, मैं आपसे स्वास्थ्य मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों को मेरे राज्य में कोविड टीके की 60 लाख खुराक की आपूर्ति करने का निर्देश देने के लिए अनुरोध करता हूं. जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि अगले तीन सप्ताह में 45 वर्ष से ऊपर की सभी आबादी को टीका लगाया जा सके.’
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










