
Alwar: ACB के हत्थे चढ़ा डाक अधिदर्शक, 6 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
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एसीबी ने प्रतिनियुक्ति समाप्ति के आदेश जारी करवाकर कार्यमुक्त करने की एवज में ₹6000 की रिश्वत लेते हुए डाक अधिदर्शक मनोज कुमार सैनी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.
Alwar: अलवर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रतिनियुक्ति समाप्ति के आदेश जारी करवाकर कार्यमुक्त करने की एवज में ₹6000 की रिश्वत लेते हुए डाक अधिदर्शक मनोज कुमार सैनी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक महेंद्र मीणा ने बताया कि परिवादी महमूद अली हाल ग्रामीण डाक सेवक शाखा डाकपाल मिलकपुर तुर्क उप डाकघर टपूकड़ा जिला अलवर ने ब्यूरो में उपस्थित होकर एक रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसको वर्तमान में अलवर उत्तर उपखंड द्वितीय अलवर के अधीन प्रतिनियुक्ति पर शाखा डाकपाल मिलकपुर तुर्क उप डाकघर टपूकड़ा जिला अलवर पर लगाया हुआ है. उन्होंने बताया कि उक्त पद पर अन्य कार्मिक का पद स्थापन होने से परिवादी महमूद अली को उसके मूल पद स्थापन स्थान उप डाकघर बहादरपुर उपखंड अलवर उत्तर के लिए कार्य मुक्त करवाने हेतु सहायक अधीक्षक उपखंड उत्तर अलवर से प्रतिनियुक्ति समाप्ति के आदेश जारी करवा कर कार्यमुक्त करने की एवज में डाक अधिदर्शक मनोज कुमार सैनी, अलवर उत्तर कार्यालय सहायक अधीक्षक डाकघर उपखंड अलवर उत्तर द्वारा ₹15000 की रिश्वत मांगी जा रही है.
30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.

Astra MkII missile: भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO अब अपनी सबसे आधुनिक मिसाइल Astra MkII को दुनिया भर में बेचने की तैयारी कर रहा है. हालिया रिपोर्ट की मानें तो इस मिसाइल को 2026 के मध्य तक बड़े पैमाने पर उत्पादन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही, कई देशों ने इस भारतीय मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों में लगाने की इच्छा भी जाहिर की है.

Pinaka LRGR-120: भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी कामयाबी हासिल कर ली है, जिसने दुश्मनों की रातों की नींद उड़ा दी है. स्वदेशी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' अब इतना ताकतवर और सटीक हो गया है कि वह 120 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के कमांड सेंटर को पलक झपकते ही तबाह कर सकता है. इसी बीच खबर यह भी है कि फ्रांस ने पिनाका रॉकेट खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. वहीं, US की रिपोर्ट में भी पिनाका रॉकेट की तारीफ की है.

Ramjet artillery shell IIT Madras: भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है. अब दुश्मन सीमा के उस पार कहीं भी छिप जाएं, भारत के गोलों से बच नहीं पाएंगे. IIT Madras के होनहार दिमागों ने तोपों के लिए एक ऐसा 'जादुई' गोला तैयार किया है, जो अब पहले से कहीं ज्यादा दूर तक मार करेगा. यह तकनीक इतनी धाकड़ है कि पुरानी तोपें भी अब नई और खतरनाक मिसाइलों जैसा काम करेंगी.

DRDO AL-HCM missile: भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मिसाइल पर काम शुरू कर दिया है जो भविष्य के युद्धों का चेहरा बदल देगी. यह मिसाइल इतनी तेज होगी कि दुश्मन को पलक झपकने का मौका भी नहीं मिलेगा. हवा से छोड़ी जाने वाली यह हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (AL-HCM) भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को वो ताकत देगी, जिसका मुकाबला करना फिलहाल किसी भी देश के लिए नामुमकिन है.





