
Aksai chin: विवादित अक्साई चिन को चीन अधिकृत जम्मू और कश्मीर माना जाए', यूएन में उठी ये बड़ी मांग
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जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 49वें सत्र के दौरान कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता जुनैद कुरैशी ने अक्साई चिन पर बीजिंग के अवैध कब्जे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि अक्साई चिन पर चीन ने कब्जा किया हुआ है. इसलिए उसे औपचारिक रूप से 'चीन के कब्जे वाला जम्मू और कश्मीर' कहा जाना चाहिए और इस रूप में ही इसे मान्यता दी जानी चाहिए.
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र में बुधवार को अक्साई चिन का मुद्दा जोर शोर से उठा. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 49वें सत्र के दौरान कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता जुनैद कुरैशी ने अक्साई चिन पर बीजिंग के अवैध कब्जे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि अक्साई चिन पर चीन ने कब्जा किया हुआ है. इसलिए उसे औपचारिक रूप से 'चीन के कब्जे वाला जम्मू और कश्मीर' कहा जाना चाहिए और इस रूप में ही इसे मान्यता दी जानी चाहिए.
कौन हैं जुनैद कुरैशी और वे क्या बोले श्रीनगर के जुनैद कुरैशी ब्रसेल्स स्थित यूरोपीय फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज के निदेशक हैं. जुनैद ने कहा कि मैं अपने पूर्वजों की भूमि जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर परिषद का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं. संयुक्त राष्ट्र द्वारा गढ़े गए मुद्दे से संबंधित ज्यादातर शब्दावलियां वर्षों से सामान्य उपयोग में हैं. उपयुक्त शब्दावली विवादित मामले को परिभाषित करने और उसके समाधान की राह तलाशने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

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