
Afghanistan में प्रदर्शन करने वालों के लिए नए नियम जारी, Taliban से लेनी होगी अनुमति
Zee News
Taliban's New Rules For Protesters: तालिबान की सरकार में गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी और Refugee Minister खलील उर रहमान हक्कानी पर 10 मिलियन डॉलर यानी 75 करोड़ रुपये का इनाम है.
काबुल: तालिबान (Taliban) ने साफ कर दिया है कि वो अपनी सरकार के खिलाफ किसी विरोध प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं करेगा. तालिबान ने विरोध प्रदर्शन करने वालों के लिए नए नियम भी जारी किए हैं. इसके तहत विरोध प्रदर्शन करने वालों को तालिबान के न्याय मंत्रालय से 24 घंटे पहले इसकी इजाजत लेनी होगी, इतना ही नहीं प्रदर्शन का उद्देश्य, उसका स्थान और समय भी सरकार को बताना होगा और यहां तक कि प्रदर्शनों में जो नारे लगाए जाएंगे वो भी पहले से लिखकर सरकार को बताने होंगे. तालिबान ने अमेरिका से अपने आतंकवादियों को Sanction List से भी हटाने की मांग की है. अमेरिका की Law Enforcement Agency FBI की Sanction List में तालिबान की सरकार के दो सदस्य हैं. एक है हक्कानी नेटवर्क का प्रमुख सिराजुद्दीन हक्कानी, जिसे गृह मंत्री बनाया गया है और दूसरा है खलील उर रहमान हक्कानी, जो सिराजुद्दीन हक्कानी का चाचा है और अब अफगानिस्तान का नया Refugee Minister है. इन दोनों आतंकवादियों पर FBI ने 10 Million Dollars यानी 75 करोड़ रुपये का इनाम रखा है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










