
6000 हजार साल पहले भारत में हुई थी Navigation की शुरुआत!
Zee News
भारत की सभ्यता (India’s Civilisation) मानव इतिहास में सबसे पुरानी है और इसने वैश्विक प्रगति में प्रमुख योगदान दिया है.
नई दिल्ली: नेविगेशन सर्विस (Navigation Service) मौजूदा समय में काफी अहम है, जो वैश्वीकरण, लोगों, समाज और संस्कृतियों को मिलाने के अलावा व्यापार और अर्थशास्त्र को फलने-फूलने में मदद करता है. इतिहास ने महान साहसी लोगों को देखा है, जिन्होंने अनजान और काफी दूर तक पहुंचने के लिए समुद्री रास्तों को नेविगेट किया था. वास्को डी गामा, फर्डिनेंड मैगलन, क्रिस्टोफर कोलंबस, झेंग हे और जैक्स कार्टियर जैसे खोजकर्ताओं ने पूर्व-आधुनिक इतिहास में यूरोप के लिए अज्ञात क्षेत्रों का चार्ट बनाया था. हालांकि नेविगेशन के विज्ञान को पूरा तैयार करने और उस बिंदु तक पहुंचने में हजारों साल लग गए. वास्तव में, नेविगेशन का शुरुआती डॉक्यूमेंटेड इतिहास उन लोगों से आता है, जिन्होंने 5 से 6 हजार साल पहले सिंधु नदी के आसपास अपना रास्ता खोज लिया था. भारतीय समुद्री इतिहास 3 हजार ईसा पूर्व जितना पुराना है. यह सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों के साथ शुरू होता है, जिन्होंने मेसोपोटामिया सभ्यता के साथ व्यापार किया था. वैदिक अभिलेखों से पता चलता है कि भारतीय व्यापारियों के सुदूर पूर्व और अरब में व्यापारिक संपर्क थे. मौर्य काल के दौरान मौजूद एक 'नौसेना विभाग' के कुछ प्रमाण हैं.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.









