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60 सेकेंड, 4500 राउंड फायरिंग! DRDO बना रहा ये धांसू तोप, ड्रोन-मिसाइलों से सात जन्मों की दुश्मनी; ₹800 करोड़ लागत
Zee News
Indian Army Gatling autocannon: भारतीय सेना ने आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE) की जमीनआधारित गैटलिंग ऑटोकेनन सिस्टम को तेजी से विकसित करने का फैसला किया है. यह सेना को दुश्मन के ड्रोन, कम ऊंचाई पर उड़ने वाली मिसाइलों और अन्य खतरों को बर्बाद करने के लिए तगड़ी ताकत देगा.
Indian Army Gatling autocannon: ऑपरेशन सिंदूर के बाद, पाकिस्तान को जिस तरह से इंडियन आर्मी ने धूल चटाई. उससे दुनिया वाकिफ है. हालांकि, इस दौरान मिसाइल व लड़ाकू विमानों के इतर एक अन्य हथियारों काफी चर्चा में रहा. स्वॉर्म ड्रोन्स यानी एक साथ झुंड में हमला करने वाले ड्रोन. ऐसे में, भविष्य में ऐसे ही हमलों से निपटने के लिए इंडियन आर्मी बेहद प्रभावी और घातक हथियार पर बड़ा दांव लगा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, ARDE की गैटलिंग ऑटोकेनन प्रोजेक्ट को अब पूर्ण-स्पेक्ट्रम क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS) के रूप में बदल दिया गया है, जो जमीन पर सेना के कमांड पोस्ट और लॉजिस्टिक्स हब्स को अभेद्य सुरक्षा देगी. ऐसे में आइए इसकी रेंज व मारक क्षमता के बारे में आसान भाषा में समझते हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








