
5 साल में चलाई गई सैंकड़ों नई रेलगाड़ियां; लेकिन बजट में नहीं हुई घोषणा, जानें क्यों ?
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने वर्ष 2015-16 का रेल बजट पेश करते हुए एक भी नई रेलगाड़ी शुरू करने या मौजूदा रेलगाड़ियों की सेवा का विस्तार करने की घोषणा नहीं की थी.
नई दिल्लीः भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में रेल बजट को आम बजट के साथ मिलाने और राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर के एक बार में नई रेलगाड़ियों की घोषणा की परंपरा को खत्म करने बाद से अब तक रेलवे ने करीब 800 नई रेलगाड़ियां चलाई है. यह खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब में हुआ है. मध्य प्रदेश के रहने वाले चंद्र शेखर गौड़ के आरटीआई आवेदन पर रेलवे बोर्ड द्वारा दिए गए जवाब के मुताबिक वर्ष 2020-21 में कोविड-19 महामारी के चलते कोई नई रेलगाड़ी नहीं चलाई क्योंकि इसकी वजह से सामान्य सेवाओं को भी स्थगित करना पड़ा था.
सदानंद गौड़ा ने की थी नई रेलगाड़ियों की बजट में घोषणा रेलवे बोर्ड द्वारा दिए गए जवाब के मुताबिक, रेलवे ने वित्तवर्ष 2020-21 में कोई नई ट्रेन नहीं चलाई, लेकिन वर्ष 2019-20 में 144, वर्ष 2018-19 में 266, वर्ष 2017-18 में 170 और वर्ष 2016-17 में 223 नई रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू किया. तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने वर्ष 2015-16 का रेल बजट पेश करते हुए एक भी नई रेलगाड़ी शुरू करने या मौजूदा रेलगाड़ियों की सेवा का विस्तार करने की घोषणा नहीं की थी. हालांकि, उनके पूर्ववर्ती डीवी सदानंद गौड़ा ने वर्ष 2014-2015 का रेल बजट पेश करते हुए पांच जन साधारण, पांच प्रीमियम और छह वातानुकूलित रेलगाड़ी, 27 नई एक्सप्रेस रेलगाड़ी, आठ सवारी गाड़ी, पांच डेमू और छह मेमू चलाने की घोषणा की थी.

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