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25 July: भारत के 10 राष्ट्रपतियों ने 25 जुलाई को ही ली शपथ, इस तारीख में ऐसा क्या खास?
Zee News
25 July President Oath History: साल 1977 में नीलम संजीव रेड्डी ने 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. इसके बाद से जो भी राष्ट्रपति बने, उन्होंने 25 जुलाई को ही इस गरिमामयी पद की शपथ ली. ये सिलसिला 47 साल से जारी है.
नई दिल्ली: 25 July President Oath History: आज 25 जुलाई है. ये तारीख देश के राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास के लिए अहम है. भारत के ज्यादातर राष्ट्रपतियों ने इसी तारीख को राष्ट्रपति पद की शपथ ली है. राष्ट्रपति का पद देश में सर्वोच्च पद माना जाता हैं. देश को बीते 47 साल में जो भी राष्ट्रपति मिले हैं, उन्होंने 25 जुलाई को ही इस गरिमामयी पद की शतपथ ली हो. लेकिन इसी तारीख में ऐसा क्या खास है कि 10 राष्ट्रपतियों ने बीते 47 साल में इसी दिन शपथ ली?

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.









