
2022 की तीसरी तिमाही में लॉन्च होगा Chandrayaan-3, केंद्रीय मंत्री ने संसद में दी जानकारी
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चंद्रयान-3 को पहले साल 2021 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की वजह से अंतरिक्ष यान के निर्माण में देरी हो रही है और अब इसे अगले साल तीसरी तिमाही में लॉन्च किया जा सकता है.
नई दिल्ली: भारत अगले साल तीसरी तिमाही में चंद्रमा पर अपना तीसरा मिशन चंद्रयान-3 लॉन्च कर सकता है, जो कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की वजह से अंतरिक्ष यान के निर्माण में देरी हो रही है. अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने संसद में अपने एक लिखित जवाब में इस बात की जानकारी दी. बता दें कि पहले चंद्रयान-3 को साल 2021 में लॉन्च किया जाना था. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने कहा कि भारत अगले साल तीसरी तिमाही में चंद्रमा पर अपना तीसरा मिशन चंद्रयान-3 लॉन्च कर सकता है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना महामारी के कारण अंतरिक्षयान के निर्माण में देरी हो रही है. कार्य की वर्तमान प्रगति को देखते हुए 2022 की तीसरी तिमाही में चंद्रयान-3 के लॉन्च होने की संभावना है.
Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.

Astra MkII missile: भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO अब अपनी सबसे आधुनिक मिसाइल Astra MkII को दुनिया भर में बेचने की तैयारी कर रहा है. हालिया रिपोर्ट की मानें तो इस मिसाइल को 2026 के मध्य तक बड़े पैमाने पर उत्पादन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही, कई देशों ने इस भारतीय मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों में लगाने की इच्छा भी जाहिर की है.

Pinaka LRGR-120: भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी कामयाबी हासिल कर ली है, जिसने दुश्मनों की रातों की नींद उड़ा दी है. स्वदेशी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' अब इतना ताकतवर और सटीक हो गया है कि वह 120 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के कमांड सेंटर को पलक झपकते ही तबाह कर सकता है. इसी बीच खबर यह भी है कि फ्रांस ने पिनाका रॉकेट खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. वहीं, US की रिपोर्ट में भी पिनाका रॉकेट की तारीफ की है.

Ramjet artillery shell IIT Madras: भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है. अब दुश्मन सीमा के उस पार कहीं भी छिप जाएं, भारत के गोलों से बच नहीं पाएंगे. IIT Madras के होनहार दिमागों ने तोपों के लिए एक ऐसा 'जादुई' गोला तैयार किया है, जो अब पहले से कहीं ज्यादा दूर तक मार करेगा. यह तकनीक इतनी धाकड़ है कि पुरानी तोपें भी अब नई और खतरनाक मिसाइलों जैसा काम करेंगी.

DRDO AL-HCM missile: भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मिसाइल पर काम शुरू कर दिया है जो भविष्य के युद्धों का चेहरा बदल देगी. यह मिसाइल इतनी तेज होगी कि दुश्मन को पलक झपकने का मौका भी नहीं मिलेगा. हवा से छोड़ी जाने वाली यह हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (AL-HCM) भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को वो ताकत देगी, जिसका मुकाबला करना फिलहाल किसी भी देश के लिए नामुमकिन है.

IAF Air Launched Ballistic Missile: भारतीय वायुसेना अब अपनी रणनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव करने जा रही है. सरहद पार बैठे दुश्मनों के बंकर और एयरबेस अब पहले से कहीं ज्यादा निशाने पर होंगे. भारत सरकार ने हवा से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (ALBM) की संख्या को बढ़ाने का फैसला किया है. इसका मतलब यह है कि अब हमारे फाइटर जेट्स सिर्फ छोटी मिसाइलें ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम और बिजली जैसी तेज रफ्तार वाली मिसाइलें लेकर उड़ेंगे, जो पलक झपकते ही दुश्मन का नामोनिशान मिटा देंगी.

S-400 Air Defence India: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जब यूक्रेन ने रूस के S-400 मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया, तो पूरी दुनिया में शोर मच गया. लोग पूछने लगे कि क्या भारत ने रूस से यह सिस्टम खरीदकर गलती की? लेकिन सच तो यह है कि जो लोग S-400 की आलोचना कर रहे हैं, वे भारत की असली ताकत और रणनीति को समझ ही नहीं पा रहे हैं.




