
18 से 45 साल के लोगों को टीका लगवाने से पहले करना होगा यह काम, वरना नहीं लगेगी वैक्सीन
Zee News
टीका लगवाने के इच्छुक 18 से 45 साल की आयु के लोगों के लिये 28 अप्रैल से कोविन पोर्टल और आरोग्य सेतू ऐप पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
नई दिल्ली: कोरोना वैक्सीन लगवाने के इच्छुक 18 से 45 साल की उम्र के लोगों के लिये कोविन वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना और टीकाकरण के लिये समय लेना अनिवार्य होगा क्योंकि शुरूआत में टीकाकरण केन्द्र पर पंजीकरण कराने की इजाज़त नहीं है. हालांकि 45 से अधिक आयु के लोग टीकाकरण केन्द्र पर पंजीकरण कराकर टीका लगवा सकते हैं. आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में अचानक भारी वृद्धि होने के मद्देनजर 18 वर्ष के अधिक आयु के सभी लोगों को एक मई से टीका लगाने का निर्णय लिया गया है. एक अधिकारी ने कहा,'सभी को टीके लगाने की शुरुआत होने के बाद टीकों की मांग में वृद्धि होने का अनुमान है. भीड़ को कंट्रोल करने के मकसद से 18 से 45 साल की उम्र के लोगों के लिये कोविन ऐप पर पंजीकरण कराना और टीका लगवाने के लिये समय लेना लाजमी किया गया है.शुरुआत में टीकाकरण केन्द्रों पर रजिस्ट्रेशन कराने की अनुमति इसलिये नहीं होगी ताकि गहमागहमी न हो.'
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









