
10 साल की बच्ची ने PM मोदी से मांगा अपॉइंटमेंट, मीटिंग के दौरान पूछ लिया ऐसा निजी प्रश्न कि सब हंस पड़े
Zee News
मेल में उन्होंने लिखा, 'हैलो सर, मैं हूं अनीशा और मैं सच में आपसे मिलना चाहती हूं. जब जवाब आया तो बच्ची की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था, क्योंकि जवाब में लिखा था कि "दौड़ के चली आओ बेटा (कृपया जल्दी करें).
नई दिल्ली: 10 साल की अनीशा पाटिल के लिए यह एक सपने जैसा था जब वह बुधवार को संसद पहुंचीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं. अनीशा अहमदनगर के सांसद डॉ सुजय विखे पाटिल की बेटी हैं और माहाराष्ट्र के दिग्गज नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल की पोती हैं. अनीशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए बहुत बेताब थीं और हमेसा अपने पिता से वो पीएम मोदी से मिलने के लिए कहती थीं. देशाचे पंतप्रधान आदरणीय यांची खा. डॉ आणि रणरागिणी महिला मंडळाच्या अध्यक्षा सौ.धनश्री विखे यांच्या समवेत सदीच्छा भेट घेतली. पिता पाटिल को उन्हें यह कहकर समझाया करते थे कि यह एक मुश्किल काम है. क्योंकि प्रधानमंत्री व्यस्त रहते हैं और शायद उन्हें मिलने का वक्त नहीं दे सकते. जिसके बाद छोटी अनीशा ने एक दिन अपने पिता के लैपटॉप ओपन कर उसपर लॉग इन किया और प्रधानमंत्री को एक ईमेल भेजा. देशात प्रथमच सहकार मंत्रालय स्थापन केल्याबद्दल पंतप्रधान मोदीजीचा सत्कार करून आभार 1/2
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










