
स्त्री 2 में बदले गए नेहा कक्कड़ पर लिखे जोक्स, डायरेक्टर बोले- बुरा लग सकता था...
AajTak
अमर कौशिक ने बताया कि सेंसर बोर्ड (CBFC) से उन्हें कहा गया कि फिल्म में कुछ ऐसे जोक्स हैं जिनसे कुछ लोग बुरा मान सकते हैं. फिल्म में एक सीन है जहां जोक में नेहा क्क्कड़ का नाम आता है. इसे बदलकर स्नेहा कक्कड़ किया गया. हमने उन्हें बदल दिया बावजूद इसके लोगों को वो ओरिजिनल पार्ट समझ में आ गया.
स्त्री 2 पर भी सेंसर बोर्ड की कैंची चल चुकी है. इसके कई सीन्स और डायलॉग्स में कांट छांट की गई है. हालांकि मेकर्स इसके लिए पहले से ही तैयार थे. इसका खुलासा खुद डायरेक्टर अमर कौशिक ने किया. उन्होंने बताया कि कॉमेडी जॉनर ही ऐसा होता है कि जो आपको ह्यूमर लग रहा है, उसी बात में किसी की भावनाएं आहत हो सकती हैं. इसी वजह से उन्होंने रिप्लेसमेंट की पूरी तैयारी पहले से ही कर ली थी.
नेहा कक्कड़ का किया स्नेहा
अमर कौशिक ने बताया कि सेंसर बोर्ड (CBFC) से उन्हें कहा गया कि फिल्म में कुछ ऐसे जोक्स हैं जिनसे कुछ लोग बुरा मान सकते हैं. फिल्म में एक सीन है जहां जोक में नेहा क्क्कड़ का नाम आता है. इसे बदलकर स्नेहा कक्कड़ किया गया. हमने उन्हें बदल दिया बावजूद इसके लोगों को वो ओरिजिनल पार्ट समझ में आ गया.
बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में अमर बोले- सीबीएफसी के सदस्यों ने कहा कि ऐसे जोक्स से बुरा लग सकता है. हमें लगा कि उनकी बात जायज है और इसलिए हमने उनसे डायलॉग रखने की अनुमति नहीं मांगी. वैसे भी, लोगों को तो समझ में आ गया.
जब आप कॉमेडी लिखते हैं, तो आप कुछ उस तरह के चुटकुले बनाते हैं. जैसे जब आप दोस्तों के साथ बैठे होते हैं, तो आप वैसे कमेंट पास करते हैं. यहीं से मजा आता है. राइटर नीरेन भट्ट और मेरा इरादा यही था कि जिस तरह से लोगों को अपने जीवन में हास्य मिलता है, हम भी वैसा ही करना चाहते हैं. हम गैग नहीं डालते. हमें ‘गैग’ शब्द से ही नफरत है! जब कोई कहता है ‘एक गैग डाल देते हैं’, तो मैं कहता हूं ‘नहीं चाहिए मुझे गैग’. मेरे लिए गैग उल्टी करने जैसा है.
सेंसर बोर्ड ने किया सहयोग

पूर्व फुटबॉलर डेविड बेकहम के बड़े बेटे ब्रुकलिन बेकहम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ये ऐलान कर दिया है कि वो उनके साथ अपने रिश्ते-नाते तोड़ रहे हैं. डेविड के बेटे ने उनपर आरोप लगाया कि वो झूठी छवि के लिए उनकी जिंदगी कंट्रोल करते हैं. उनकी पत्नी को बेइज्जत करते हैं. ब्रुकलिन ने दावा किया कि पेरेंट्स की वजह से वो कई सालों से एंग्जायटी में जी रहे थे.












