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स्टील्थ नहीं… अब ‘स्पीड का बाप’ आएगा! DRDO की नई हाइपरसोनिक मिसाइल ने चीन-रशिया को भी टेंशन में डाला!
Zee News
New indigenous hypersonic Cruise missile: DRDO की नई हाइपरसोनिक मिसाइल डेवलपमेंट का रक्षा मंत्रालय ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में जिक्र करते हुए इसे उपलब्धि बताया है. जिससे स्पष्ट हो गया है कि DRDO की नई हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल के 500 करोड़ का बजट भी रिलीज हो गया है.
New indigenous hypersonic Cruise missile: रक्षा मंत्रालय ने वार्षिक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में DRDO की नई हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का भी जिक्र किया गया है. नई हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल ET-LDHCM (Enabling Technologies for Long Duration Hypersonic Cruise Missile) को रक्षा मंत्रालय उपलब्धि बताया है. इससे पहले की रिपोर्ट के मुताबिक डीआरडीओ को इस मिसाइल के लिए 500 करोड़ बजट की जरूरत थी. वहीं रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में इस मिसाइल का जिक्र है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि मंत्रालय ने बजट की मंजूरी दे दी है. हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल डेवलपमेंट की दिशा में DRDO को कुछ तकनीकी सफलता भी मिली है.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








