
सोलर पावर कैपेसिटी को 5600 गीगावाट तक बढ़ाना जरूरी, तब हासिल होगा नेट जीरो का लक्ष्य: रिपोर्ट
Zee News
स्टडी में कहा गया कि ग्रीन हाइड्रोजन औद्योगिक क्षेत्र की कुल ऊर्जा जरूरतों का 19 प्रतिशत पूरा कर सकता है. ऐसे में इस बदलाव में हाइड्रोजन की भूमिका बहुत अहम होगी.
नई दिल्ली: भारत को 2070 तक जीरो उत्सर्जन (Net Zero Emissions) वाला देश बनने के लिए अपनी सोलर पावर कैपेसिटी को बढ़ाकर 5630 गीगावॉट तक ले जाना होगा. ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEEW) की ओर से मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है.
इस रिपोर्ट में कहा गया कि इस समय भारत में 100 गीगावॉट स्थापित अक्षय ऊर्जा कैपेसिटी है, जिसमें से सोलर पावर कैपेसिटी सिर्फ 40 गीगावॉट है. सरकार ने 2030 तक अपनी कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता को 450 गीगावॉट तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. रिपोर्ट में आगे कहा गया कि भारत को सोलर फोटो वोल्टिक (पीवी) कचरे के निपटान के लिए भी अपेक्षित रिसाइकिलिंग कैपेसिटी विकसित करनी होगी.

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