
सीएम Arvind Kejriwal ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, Door to Door Ration Scheme को लेकर अब की ये मांग
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सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा, 'कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) की इस मुश्किल घड़ी में ये योजना पूरे देश में लागू होनी चाहिए. वहीं दिल्ली (Delhi) की इस स्कीम में अगर केंद्र सरकार अब भी कोई बदलाव करवाना चाहती है तो हम उसे भी पूरा करने को तैयार हैं.'
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को चिट्ठी लिखी है. अपने इस पत्र में सीएम केजरीवाल ने दिल्ली सरकार की 'घर-घर राशन योजना' (Door to Door Ration Scheme) का जिक्र करते हुए लिखा कि कृपया घर-घर राशन योजना दिल्ली में लागू करने दीजिए. उन्होंने इसी के साथ ये भी लिखा कि आज तक राष्ट्रहित के सभी कामों में मैंने आपका साथ दिया है, राष्ट्रहित के इस काम में आप भी हमारा साथ दीजिए. सीएम केजरीवाल ने कहा, 'कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) की इस मुश्किल घड़ी में ये योजना पूरे देश में लागू होनी चाहिए. वहीं दिल्ली की इस स्कीम में अगर केंद्र सरकार अब भी कोई बदलाव करवाना चाहती है तो हम उसे भी पूरा करने के लिए तैयार हैं.'
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










