
'सियासत से आसान है फिल्मों में काम करना', कंगना ने बताई राजनीति में आने की वजह
AajTak
एक इंटरव्यू में कंगना रनौत ने राजनीति जॉइन करने को लेकर बात की है. कंगना ने कहा कि उन्हें लगता है कि फिल्मों में काम करना पॉलिटिक्स से ज्यादा आसान है. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें पहले भी कई बार पॉलिटिक्स में आने के ऑफर मिल चुके हैं.
लोकसभा चुनाव 2024 को जीतकर कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी की सांसद बन चुकी हैं. एक्ट्रेस को दिल्ली में हुए शपथ समारोह में भी देखा गया था. उनकी खुशी सातवें आसमान है. इस बीच कंगना चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर अपने साथ हुए 'थप्पड़ कांड' की वजह से सुर्खियों में भी बनी हुई हैं. एयरपोर्ट पर CISF की एक महिला ऑफिसर ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था, जिसके बाद खूब हंगामा हुआ.
अब एक इंटरव्यू में कंगना रनौत ने राजनीति जॉइन करने को लेकर बात की है. कंगना ने कहा कि उन्हें लगता है कि फिल्मों में काम करना पॉलिटिक्स से ज्यादा आसान है. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें पहले भी कई बार पॉलिटिक्स में आने के ऑफर मिल चुके हैं. साथ ही एक्ट्रेस ने बीएमसी द्वारा अपने मुंबई स्थित घर को तोड़ने पर भी अपने विचार रखे.
फिल्में हैं राजनीति से आसान
हिमाचली पॉडकास्ट के साथ एक इंटरव्यू में बात करते हुए कंगना रनौत ने कहा, 'ये पहली बार नहीं है जब मुझे राजनीति में आने के लिए अप्रोच किया गया है. मुझे पहले भी कुछ ऑफर्स आ चुके हैं. गैंगस्टर में डेब्यू करने के बाद मुझे टिकट ऑफर की गई थी. मेरे परदादा कम से कम तीन बार विधायक रहे थे. तो जब आप ऐसे परिवार से आते हो और सफलता का स्वाद चखते हो, तो लोकल लीडर्स आपको अप्रोच करते ही हैं. ये बहुत आम बात है. यहां तक कि मेरे पिता को भी एक ऑफर मिला था. मेरी बहन को भी एसिड अटैक से बचने के बाद पॉलिटिक्स जॉइन करने का ऑफर मिला था. तो हमारे लिए पॉलिटिक्स जॉइन करने का ऑफर मिलना कोई बड़ी बात नहीं है. अगर मैं इसमें दिलचस्पी नहीं रखती तो मुझे इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती.'
आगे एक्ट्रेस ने कहा, 'मैं वो इंसान हूं जो अपने पैशन के साथ जाती हूं. यहां तक कि मैं फिल्म इंडस्ट्री में भी मैं एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हूं. यहां अपने पॉलिटिकल करियर के लिए लेकिन, अगर मुझे लोगों से मिलना पड़े तो मैं ये जरूर करूंगी. कोई दबाव नहीं है. हालांकि मैं ये जरूर कहूंगी कि फिल्म इंडस्ट्री में काम करना पॉलिटिक्स से काफी आसान है. पॉलिटिक्स में काफी मेहनत लगती है. ये कठिनाइयों से भरी जिंदगी है, बिल्कुल डॉक्टरों की तरह, जहां सिर्फ परेशान लोग ही आपके पास आते हैं. जब आप फिल्म देखने जाते हैं तो आप बहुत रिलैक्स होते हैं. लेकिन पॉलिटिक्स में ऐसा कुछ भी नहीं है.'
जब BMC ने गिराया कंगना का घर













