
सार्वजनिक परिवहन में पुरुषों द्वारा महिलाओं को अनुचित तरीके से छूना सामान्य यौन हमला
Zee News
सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में बस, ट्रेन, लोकल ट्रेन हो या मेट्रो यात्रा कर रही महिलाओं को पुरूषों द्वारा अनुचित तरीके से छूना एक यौन हमला है और ऐसा करने वाले को यकीनन जेल जाना पड़ेगा. मुंबई की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने एक मुकदमे में यह फैसला सुनाया.
नई दिल्ली: सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में बस, ट्रेन, लोकल ट्रेन हो या मेट्रो यात्रा कर रही महिलाओं को पुरूषों द्वारा अनुचित तरीके से छूना एक यौन हमला है और ऐसा करने वाले को यकीनन जेल जाना पड़ेगा. मुंबई की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने ऐसे ही एक मामले में आरोपी मोहसीन को किसी तरह की राहत देने से इंकार करते हुए तीन साल की सजा और 35 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है. ग्रेटर मुंबई की फोर्ट की पॉक्सो सेशन कोर्ट के जज ए डी देव ने ये फैसला सुनाया है.
सभी मामलों की रिपोर्ट नहीं होती अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए अफसोस भी जताया कि सार्वजनिक परिवहन के दौरान पुरूष द्वारा अनुचित तरीके से छूने का अनुभव प्रत्येक आम महिला द्वारा किया जाता है. जो कि एक बहुत ही सामान्य तौर पर किया जाने वाला यौन हमला हो गया है. लेकिन ऐसे प्रत्येक मामलों में महिला ये सोचकर अनदेखा कर देती है, कि इस यात्रा के बाद छूने वाला व्यक्ति दुबारा नही मिलेगा. इसलिए इस तरह के लगभग सभी हमलों की रिपोर्ट नहीं की जाती है.
