
सरकार ने Vaccination Policy पर किया अपना बचाव, सुनवाई से पहले कहा, ‘Supreme Court के हस्तेक्षप की जरूरत नहीं’
Zee News
केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि हम पर विश्वास कीजिए, कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है. हमने 50 प्रतिशत वैक्सीन की खरीद खुद करने की नीति बहुत सोच-विचार कर बनाई है. हमारी नीति न्यायसंगत है और किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है.
नई दिल्ली: वैक्सीनेशन को लेकर लगातार आलोचना का सामना कर रही केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सामने अपना पक्ष रखा है. मामले की सुनवाई से पहले सरकार ने हलफनामा दाखिल करते हुए अपनी टीकाकरण नीति (Vaccination Policy) का बचाव किया है और साथ ही कहा है कि इसमें कोर्ट के हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है. केंद्र सरकार ने कहा महामारी के चलते सभी को एक बार में टीका नहीं दिया जा सकता, वैक्सीन की सीमित उपलब्धता है, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए नीति बनाई गई है. हलफनामे में कहा गया है कि 18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीन लगवाने की मंजूरी सिर्फ इसलिए दी गई है क्योंकि कई राज्य इसकी मांग कर रहे थे और केंद्र ने वैक्सीन उत्पादकों से राज्यों को एक कीमत पर वैक्सीन सप्लाई करने को कहा है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैक्सीनेशन की उपलब्धता और मांग को ध्यान में रखते हुए नीति बनाई गई है. नीति न्यायसंगत है और किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है.
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