
समुद्री जहाजों को रास्ता दिखाने वाले ‘Light House’ बताएंगे इलाके का इतिहास: मंत्रालय
Zee News
Mann Ki Baat: पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा अपनी भव्य संरचनाओं के कारण ये लाइट हाउस (Light House) हमेशा से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि पर्यटन (Tourism) को बढ़ावा देने के लिए भारत में 71 लाइट हाउस चिह्नित किए गए हैं
नई दिल्ली: पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय प्रकाश स्तंभों को पर्यटन स्थल के रूप में तब्दील करने पर काम कर रहा है और कभी जहाजों को दिशा दिखाने वाले ये संकेत स्थल अब संबंधित इलाके का इतिहास बताएंगे. मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमारे नौवहन प्रकाश स्तंभ (लाइट हाउस) देश की विरासत हैं. हर लाइट हाउस का अपना एक अलग इतिहास है. ऐसे में पर्यटन स्थल के रूप में इनका विकास करने का प्रस्ताव किया गया है.’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस बारे में उल्लेख किया. पीएम ने लाइट हाउस टूरिज्म के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री मनसुख मांडविया ने मंत्रालय को इस प्रस्ताव पर विचार करने को कहा था कि क्या ‘लाइट हाउस’ को धरोहर स्थल और पर्यटन के उद्देश्य से विकसित किया जा सकता है. इस प्रस्ताव को कार्यरूप देते हुए देश के प्रमुख ‘लाइट हाउसों’ का सर्वेक्षण कराया गया और इस बात पर ध्यान दिया गया कि इनमें से कहां पर पर्याप्त जमीन उपलब्ध है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









