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समंदर में भीषण जंग की तैयारी? इंडियन नेवी 'ताबड़तोड़' तैनात कर रही VL-SRSAM, मैक 4 की रफ्तार से दुश्मनों को करेगी बर्बाद
Zee News
Indian Navy VL-SRSAM: भारतीय नौसेना अपने जंगी बेड़े को अत्याधुनिक, स्वदेशी हवाई रक्षा कवच से मजबूत करने के लिए तैयार है. इसके लिए साल 2030 तक अपने युद्धपोतों से इजरायल निर्मित 'बराक-1' मिसाइल सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से हटा देगी.
Indian Navy VL-SRSAM: इंडियन नेवी दुनिया में बदलते जंग के तौर-तरीकों पर बारीक नजर रखती है. यही वजह है कि खुद को बेहद एडवांस हथियारों से लैस कर रही है. इसकी कड़ी में, नौसेना अपनी एयर डिफेंस सिस्टम में एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. नौसेना ने साल 2030 तक अपने युद्धपोतों पर लगी पुरानी इजरायली 'बराक-1' शॉर्ट-रेंज सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SRSAM) सिस्टम को हटाने की योजना बनाई है.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








