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समंदर में 'दैत्य' उतारेगी इंडियन नेवी! महीनों घात लगाकर पाताल से करेगी हमला; AIP से लैस 'प्रोजेक्ट 76 SSK' से थर्राया दुश्मन
Zee News
Project 76 SSK Indian Navy submarines: प्रोजेक्ट 76 (P76) प्रोजेक्ट के तहत बनाई जाने वाली पनडुब्बियां, मौजूदा स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियों के मुकाबले अधिक एडवांस होंगी. इन पनडुब्बियों को स्टील्थ यानी रडार और सोनार से छिपने की क्षमता, लंबी दूरी की मारक क्षमता और ज्यादा लंबे समय तक पानी के भीतर रहने की क्षमता जैसी खासियतों से लैस किया जाएगा.
Project 76 SSK Indian Navy submarines: भारतीय नौसेना (Indian Navy) अपनी समुद्री सुरक्षा और ताकत को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़े और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रही है. यह है 'प्रोजेक्ट 76 SSK'. इस परियोजना के तहत, भारत में अत्याधुनिक पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा. इन पनडुब्बियों में एडवांस स्वदेशी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की विशाल तटीय रेखा और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाना है. ऐसे में, यह प्रोजेक्ट भारतीय नौसेना को चीन और पाकिस्तान की बढ़ती समुद्री चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने की क्षमता प्रदान करेगी. : देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें .

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








