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समंदर में दहशत! DRDO-NSTL का नया पिशाच टॉरपीडो युद्धपोतों के लिए खतरनाक, वरणास्त्र सिस्टम से होगी लैस
Zee News
Advanced Lightweight Torpedo: इंडियन नेवी के लिए DRDO बना रही है, नया अपग्रेडेड हल्का टॉरपीडो जो ज्यादा तेज और टिकाऊ होगा. इससे भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.
Advanced Lightweight Torpedo: भारत दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक बनकर उभर रहा है, देश अपनी आर्मी और एयरफोर्स को तो मजबूत कर ही रहा है, पर साथ में अब समुद्री ताकत के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लैबोरेटरी (NSTL) एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने जा रहे हैं. यह लैब अब अपने हल्के टॉरपीडो (Lightweight Torpedo) का नया और ज्यादा शक्तिशाली वर्जन बनाने जा रही है. यह अपग्रेडेड टॉरपीडो पहले से ज्यादा तेज होगा और लंबे समय तक पानी के भीतर काम करने की क्षमता रखेगा. इससे इंडियन नेवी की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








