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समंदर में 'जर्मन जासूस'! भारत को दुनिया की सबसे खामोश पनडुब्बी 212CD का ऑफर; चीन-पाक का सोनार होगा बेकार
Zee News
German Type 212CD submarine India: जर्मनी की रक्षा कंपनी थायसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) ने भारत के P-75I प्रोजेक्ट में अपनी टाइप 212CD पनडुब्बी को पेश किया है. यह पनडुब्बी चौथी पीढ़ी के बाद की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है, जो इसे रडार और सोनार से पूरी तरह से बचाकर रखती है.
German Type 212CD submarine India: इंडियन नेवी अपनी समुद्री ताकत को बढ़ाने के लिए जोरो-शोरों से काम कर रही है. ऐसे में, भारतीय नौसेना के लिए लाए गए प्रोजेक्ट-75 इंडिया के तहत, जर्मनी ने अपनी सबसे एडवांस और खामोश पनडुब्बी टाइप 212CD को खरीदने का प्रस्ताव दिया है. यह पनडुब्बी अपनी बेजोड़ स्टील्थ तकनीक के लिए जानी जाती है, जो इसे दुनिया की सबसे खामोश पनडुब्बियों में से एक बनाती है. इस पनडुब्बी के भारत आने से चीन और पाकिस्तान के पनडुब्बी-रोधी युद्धपोतों को पता लगाना और ढूंढना लगभग नाममुकिन हो जाएगा.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








