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समंदर में इंडियन नेवी की दहाड़, स्वदेशी SSN से चीन को देगी माकूल जवाब; आ रही हैं 12 परमाणु पनडुब्बियां
Zee News
Project 77 SSN India: जैसे-जैसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की नौसैनिक उपस्थिति मजबूत हो रही है, भारत एक शक्तिशाली रणनीतिक हथियार विकसित कर रहा है. परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बियां (SSNs). विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षमता बीजिंग की लंबे समय से चली आ रही ‘मलक्का दुविधा’ को पलट सकती है.
Project 77 SSN India: मलक्का जलडमरूमध्य एक संकरा समुद्री मार्ग है, जिससे होकर चीन का 70 प्रतिशत से अधिक आयातित तेल गुजरता है. बीजिंग हमेशा से डरता रहा है कि इस बिंदु पर नाकाबंदी उसकी अर्थव्यवस्था और नौसेना को पंगु बना सकती है. भारत के स्वदेशी SSN कार्यक्रम में तेजी आने से अब नई दिल्ली इसी असममिति (asymmetry) का फायदा उठाने के लिए तैयार है. नौसेना विशेषज्ञों के अनुसार, आगे तैनात किए गए SSNs, लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों (LACMs) से लैस होकर, मलक्का जैसे चोकपॉइंट पर गश्त कर सकते हैं. यह तैनाती चीन की रसद (logistics) और समुद्री हितों को गंभीर रूप से धमकी देगी, जिससे बीजिंग एक रक्षात्मक स्थिति अपनाने के लिए बाध्य हो जाएगा.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








