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समंदर के नीचे खामोश मौत! भारत के BARC ने चुपके से बना दिया 200 MW रिएक्टर; इन पनडुब्बियों को बना देगा 'दानव'
Zee News
BARC 200 MW nuclear reactor for submarine: भारत ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने एक शक्तिशाली 200 MW का परमाणु रिएक्टर बनाया है, जो भारत की अगली पीढ़ी की परमाणु पनडुब्बियों को शक्ति देगा.
BARC nuclear reactor for submarine: भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है, और इसमें सबसे महत्वपूर्ण है पनडुब्बी कार्यक्रम. भारत अब एक ऐसे युग में प्रवेश कर रहा है, जहां वह अपनी परमाणु पनडुब्बियों के लिए खुद ही एडवांस रिएक्टर बना रहा है. BARC ने एक नया 200 MW का परमाणु रिएक्टर विकसित किया है, जो देश की अगली पीढ़ी की परमाणु पनडुब्बियों को शक्ति देगा. यह INS अरिहंत में लगे 83 MW के रिएक्टर से कहीं ज्यादा शक्तिशाली है, और यह हमारी पनडुब्बियों को और भी तेज, स्टील्थ और अधिक सक्षम बना देगा.

Ajit Pawar plane crash: बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जिस विमान में सवार थे, वह देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया. जिस Bombardier Learjet 45XR को आसमान का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, वही आज मातम का सबब बन गया. इस विमान का इतिहास और इसकी तकनीकी खूबियां अब जांच के दायरे में हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.








