
विष्णु का अवतार होने का किया दावा, ग्रैच्युटी न मिलने पर सूखा पड़ने की दी चेतावनी
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रमेशचंद्र फेफर ने खुद के कल्कि अवतार होने का दावा किया तो उनके खिलाफ जांच शुरू की गई. उनकी मानसिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने उन्हें समय से पहले रिटायरमेंट दे दिया गया.
अहमदाबाद: खुद के ‘कल्कि’ अवतार (भगवान विष्णु का अंतिम अवतार) होने का दावा करने वाले गुजरात सरकार के एक पूर्व कर्मचारी रमेशचंद्र फेफर ने मांग की है कि उनकी ग्रैच्युटी जल्द से जल्द जारी की जाए अन्यथा वह अपनी ‘दिव्य शक्तियों’ का इस्तेमाल कर इस वर्ष दुनिया में गंभीर सूखा ला देंगे. ‘अवतार’ होने का दावा कर लंबे समय तक ऑफिस से एब्सेंट रहने के कारण फेफर को सरकारी सेवा से समय से पहले रिटायरमेंट दे दिया गया. जल संसाधन विभाग के सचिव को एक जुलाई को लिखे पत्र में फेफर ने कहा कि ‘सरकार में बैठे राक्षस’ उनकी ‘16 लाख रुपये की ग्रैच्युटी और एक वर्ष के वेतन के रूप में 16 लाख रुपये और रोककर उनको परेशान कर रहे हैं. फेफर ने कहा कि उन्हें जो ‘परेशान’ किया जा रहा है उस कारण वह ‘धरती पर भीषण सूखा’ ला सकते हैं क्योंकि वह भगवान विष्णु के दसवें अवतार हैं. फेफर राज्य के जल संसाधन विभाग के सरदार सरोवर पुनर्वास एजेंसी में अधीक्षण अभियंता के तौर पर वडोदरा कार्यालय में कार्यरत थे.
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