)
विदेशी इंजन को टाटा, अब देसी दम! DRDO का 800 HP इंजन बना 'जोरावर' का नया दिल, सेना में कब तक होगा शामिल?
Zee News
Zorawar Light Tank: इंजन किसी भी टैंक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. स्वदेशी इंजन होने से टैंक के पूरे जीवनकाल (20-30 साल) में कभी भी इंजन की मरम्मत या अपग्रेड के लिए विदेशी कंपनियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. वहीं, इस प्रोजेक्ट से भारत की प्राइवेट डिफेंस कंपनियों को भी काम मिलेगा और देश में ही नई तकनीक विकसित होगी.
Zorawar Light Tank: भारतीय सेना दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र में तैनात रहती है. हम बात कर रहे हैं. लद्दाख और कश्मीर के ऊंचे दुर्गम पहाड़ों की. जहां पर हथियारों की तैनाती किसी चुनौती से कम नहीं होता है. ऐसे में, पहाड़ों की ऊंचाइयों पर दुश्मनों के दांत खट्टे करने के लिए एक नया हथियार तैयार हो रहा है. हम बात कर रहे हैं जोरावर टैंक की. जिसको लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. पहले इस टैंक में विदेशी इंजन लगाने की तैयारी है. जिसको लेकर भविष्य में टेक्निकल और देखरेख में भारी-भरकम खर्च और पेंच सामने आते. ऐसे में, भारत के जोरावर लाइट टैंक को अब एक नया और स्वदेशी दिल मिलने जा रहा है. DRDO ने एक ऐसा इंजन तैयार कर लिया है जो न केवल टैंक को रफ्तार देगा, बल्कि विदेशी कंपनियों की दादागिरी भी खत्म कर देगा.
