
वाहनों की फिटनेस जांच का काम निजी हाथों में सौंपेगी सरकार; नियमों में किया बदलाव
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निजी और परिवहन वाहनों की ‘फिटनेस जांच’ के लिए विशेष इकाइयों (एसपीवी), राज्य सरकारों, कंपनियों, संघों और निकायों को ऑटोमेटेड परीक्षण केंद्र (एटीएस) खोलने की अनुमति दे देगी सरकार.
नई दिल्लीः सरकार निजी और परिवहन वाहनों की ‘फिटनेस जांच’ के लिए विशेष इकाइयों (एसपीवी), राज्य सरकारों, कंपनियों, संघों और निकायों को ऑटोमेटेड परीक्षण केंद्र (एटीएस) खोलने की अनुमति दे सकती है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक, एटीएस के पूर्व-पंजीकरण/पंजीकरण के लिए एक खिड़की मंजूरी प्रणाली उपलब्ध कराई जा सकती है. पंजीकरण प्राधिकरण राज्य के परिवहन आयुक्त के निचले स्तर का नहीं होना चाहिए.
किसी व्यक्ति द्वारा भी किया जा सकता है एटीएस का स्वामित्व और परिचालन मंत्रालय की जानिब से शनिवार को जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि एटीएस का स्वामित्व और परिचालन किसी व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है. इसमें कंपनी या संघ या व्यक्तियों का निकाय या विशेष इकाई या राज्य सरकार शामिल है. दिशानिर्देशों में कहा गया है कि यदि कोई वाहन परीक्षण में विफल होता है, तो पंजीकृत मालिक या अधिकृत व्यक्ति पुनःपरीक्षण के लिए उचित शुल्क जमा कराकर वाहन की फिर से जांच का अनुरोध कर सकता है. यदि इसके बाद भी वाहन फिटनेस जांच में फेल होता है तो संबंधित वाहन के जीवन चक्र (ईएलवी) को समाप्त घोषित कर दिया जाएगा.

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