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लॉकहीड मार्टिन को ओपन चैलेंज? TATA बनेगा हथियारों का असली बादशाह, Solar संग मिलकर बनाएगा Missile-Drone
Zee News
Tata Group defence partnership: टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने नागपुर के पास बाजारगांव में स्थित सोलर डिफेंस एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) के अत्याधुनिक संयंत्र का दौरा किया. यह संयंत्र गोला बारूद, मिसाइल और अन्य रक्षा उत्पादों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
Tata Group defence partnership: भारत भविष्य में पूरी तरह स्वदेशी हथियारों पर निर्भर रहने की तैयारी में है. यही वजह है कि देसी कंपनियों व हथियारों पर भारी-भरकर खर्च कर रही है. ऐसे में देश की दिग्गज कंपनियां भी भारत सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस सपने को साकार करने के लिए अग्रसर हैं. इसी कड़ी में, भारतीय रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में एक बड़ी साझेदारी की संभावना उभरकर सामने आई है. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने हाल ही में नागपुर में स्थित सोलर इंडस्ट्रीज की रक्षा उत्पादन इकाई का दौरा किया है. इस दौरे के बाद चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी एक कंपनी के बजाए कई कंपनियों की भागीदारी और सहयोग की जरूरत है. यह संकेत देता है कि टाटा ग्रुप और सोलर इंडस्ट्रीज जैसी निजी कंपनियां मिलकर स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आगे बढ़ सकती हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








