
लालू यादव क्या फिर जलती हुई रोटी पलट पाएंगे?
NDTV India
सोमवार के लालू यादव पुराने दिनों के लालू यादव थे. उनकी भाषा और देह-मुद्रा में कहीं आक्रामकता नहीं थी. भाषण के आख़िरी हिस्से में अभिमान का हल्का पुट ज़रूर दिखा जब उन्होंने तेजस्वी के तेजस्वी भाषण और कामकाज की चर्चा की.
उनकी देह पर उम्र और बीमारी के निशान दिख रहे थे. आरजेडी के 25वें स्थापना दिवस पर अपने बेटे तेजस्वी यादव को बोलते देख रहे लालू यादव को देखकर पहली बार यही लग रहा था कि मन और तन से वे स्वस्थ नहीं हैं. यह संदेह भी हो रहा था कि लालू यादव तेजस्वी की बात पूरी तरह सुन और समझ पा रहे हैं या नहीं, उनका राजनीति-निष्णात बेटा जिस तरह राजनीतिक तर्क और तंज़ से काम ले रहा है, उस पर उनकी नज़र है या नहीं.











