
लद्दाख से दिल्ली लौटे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल में एलएसी के फ्रंट पर पहुंचे CDS बिपिन रावत
Zee News
कौरिक सेक्टर के कई गांवों में चीन ने कई गांव वालों का ब्रेन वॉश करने के अभियान चलाए हैंं. पिछले कुछ सालों में भारतीय सेना ने अपनी स्थिति को मजबूत किया है और तैनाती में बढ़ोत्तरी की है.
नई दिल्ली: लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानि LAC के दूसरी ओर चीन की लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए भारत भी सतर्क हो गया है. रक्षामंत्री जब तीन दिन की लद्दाख की अपनी यात्रा पूरी करके दिल्ली लौट रहे थे तब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत हिमाचल प्रदेश के संवेदनशील इलाक़ों का दौरा कर रहे थे. जनरल रावत ने हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में LAC की सबसे आगे की तैनाती का जायजा लिया और बाद में सेना की पश्चिमी कमान के अधिकारियों से भी विचार-विमर्श किया. जनरल रावत मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में सुम्दो सब-सेक्टर में LAC पर भारतीय सेना की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे. सुम्दो, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में उस जगह पर है, जहां से अक्सर चीनी हेलीकॉप्टर भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश करते रहते हैं. सुम्दो के ही पास शिपकी ला सदियों पहले से तिब्बत जाने का मुख्य मार्ग रहा है और आज भी यहां से स्थानीय व्यापारी आते-जाते हैं. लेकिन चीन की नजर यहां पर भी है और यहां की कई जगहों पर वो अपना दावा जताता है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










