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रूस ने भारत को S-500 एयर डिफेंस का दिया ऑफर, रक्षा मंत्री कर चुके हैं मना; क्या डील होगी फाइनल?
Zee News
S-500 air Defence: रूस ने भारत को खुद से S-500 एयर डिफेंस सिस्टम का ऑफर दिया है. रूसी उप प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव ने दुबई में कहा कि हम S-400 वाले डिफेंस पार्टनर्स से S-500 पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं.
S-500 air Defence: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आ रहे हैं. 4-5 दिसंबर पुतिन दिल्ली में रहेंगे. इस दौरान करीब 12500000 लाख करोड़ की डिफेंस डील होने वाली है. इस बीच रूस ने आगे से खुद भारत को S-500 एयर डिफेंस सिस्टम का ऑफर दिया है, खास बात यह है कि इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस कार्यक्रम में बोलते हुए स्पष्ट किया था कि भारत अब S-500 के बजाय s-400 के 5 नए स्क्वाड्रन खरीदना चाहता है. उसमें भी उन्होंने कहा था कि S-400 की डिफेंस डील में अभी रूस को 2 स्क्वाड्रन देना है. जो तय समय से काफी लेट है. अगर रूस ऐसे विलंब करता रहा तो हम किसी और देश से एयर डिफेंस खरीदने की सोचेंगे.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








