
राष्ट्रपति राजपक्षे ने कहा- भारत के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए श्रीलंका का इस्तेमाल नहीं होने देंगे
ABP News
चीन श्रीलंका में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है और वह बंदरगाहों सहित विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है.
कोलंबोः श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने मंगलवार को भारत को आश्वासन दिया कि श्रीलंका की जमीन की 'किसी भी ऐसी गतिविधि' के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है. राजपक्षे ने विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला को चीन के साथ कोलंबो के संबंधों के बारे में 'व्यापक तौर पर' अवगत कराया. उन्होंने इसके साथ ही महामारी के बाद अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार सहित कई मुद्दों पर उनके साथ विचारों का आदान-प्रदान किया.
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे से मुलाकात की और सभी स्तरों पर समग्र द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की. इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग के मजबूत संबंधों पर बल दिया. श्रृंगला भारत और श्रीलंका के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के लिए चार दिवसीय यात्रा पर शनिवार को यहां पहुंचे थे.
