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यूं ही नहीं आसमान में दम भरती इंडियन एयरफोर्स, 1947 से 2025 तक इन फाइटर जेट्स ने दिया साथ
Zee News
1947 से 2025 तक भारतीय वायुसेना ने कई दमदार फाइटर जेट्स उड़ाए, जिनमें Spitfire, MiG-21, Rafale और स्वदेशी तेजस शामिल हैं. इन विमानों ने युद्धों में जीत दिलाई, देश की सीमाओं की रक्षा की और भारतीय आसमान को नई ऊंचाई दी, जिससे IAF दुनिया की ताक़तवर एयरफोर्स बनी.
आज जिस भारतीय वायु सेना (IAF) को हम दुनिया की सबसे ताकतवर एयर फोर्स में गिनते हैं, उसकी ताकत सिर्फ पायलटों के साहस में ही नहीं, बल्कि उन मशीनों में भी छिपी है जिन्होंने दशकों तक हमारे आसमान की रक्षा की. 1947 में आजादी के बाद से लेकर 2025 तक, IAF ने कई तरह के लड़ाकू विमान उड़ाए, कुछ विदेशी तकनीक के, तो कुछ पूरी तरह स्वदेशी. इन विमानों ने युद्ध में जीत दिलाई, दुश्मनों के हौसले तोड़े, और देश को आसमान में बेजोड़ पहचान दी. चलिए, जानते हैं उन खास फाइटर जेट्स के बारे में, जिन्होंने भारतीय आसमान की कहानी लिखी है.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.

C-130J Super Hercules: भारत सरकार जल्द ही MTA प्रोग्राम के लिए Request for Proposal (RFP) जारी करने की तैयारी में है. बढ़ी हुई रेंज वाला C-130J भारत की अलग-अलग जरूरतों के लिए अधिक उपयोगी माना जा रहा है. इसमें लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, आपदा राहत मिशन और छोटे रनवे से ऑपरेशन शामिल हैं. अधिक रेंज होने से विमान बिना बार-बार ईंधन भरे बड़े इलाके को कवर कर सकेगा.








