
मोबाइल सिक्योरिटी गाइडलाइंस के लिए क्या है सरकार का प्लान? जानें खास बातें
Zee News
आईसीईए ने बताया है कि मोबाइल सुरक्षा दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए उद्योग के साथ आईटी मंत्रालय काम कर रहा है. मोबाइल उपकरणों पर पहले से इंस्टॉल किए गए एप्लिकेशन पर कार्रवाई कर रही है, वहीं इस दावे का केंद्रीय मंत्री ने खंडन किया है.
नई दिल्ली: इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री (आईसीईए) ने बुधवार को कहा कि आईटी मंत्रालय नए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) मानक के अनुरूप मोबाइल सुरक्षा दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए उद्योग के साथ मिलकर काम कर रहा है.
पहले से इंस्टॉल किए गए एप्लिकेशन पर होगी कार्रवाई? मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए शीर्ष उद्योग निकाय आईसीईए का बयान मीडिया रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि सरकार स्मार्टफोन के लिए सुरक्षा परीक्षण (Security Testing) का प्लान बना रही है और मोबाइल उपकरणों पर पहले से इंस्टॉल किए गए एप्लिकेशन पर कार्रवाई कर रही है - केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इस दावे का जोरदार खंडन किया.

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










