
मोदी, योगी कैबिनेट विस्तार की चर्चा क्यों? 4 वजहों में हैं कई जवाब
The Quint
modi cabinet reshuffle: मोदी, योगी कैबिनेट विस्तार की चर्चा क्यों? मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में अनुप्रिया पटेल, सुशील मोदी, ज्योतिरादित्य,सर्वानंद सोनेवाल को मिल सकता है मौका. Yogi cabinet Expansion: 4 reasons why Modi, Yogi cabinet may see changes
शुक्रवार को मोदी, नड्डा और अमित शाह के बीच बैठक. गुरुवार-शुक्रवार को मोदी, शाह और नड्डा से योगी की मुलाकात और शाह की अनुप्रिया पटेल और संजय निषाद से मुलाकात. इन सुर्खियों के कारण एक और हेडलाइन बन रही है कि क्या मोदी और योगी मंत्रिमंडल में बदलाव होने वाले हैं? विस्तार (Modi Cabinet expansion) होगा तो कब और किन लोगों की जगह मिल सकती है? अभी कुछ भी पक्के तौर पर कहना कयास ही होगा लेकिन दोनों मंत्रिमंडल में जिन वजहों से विस्तार की चर्चा हो रही है, उनको जानकर अंदाजा लगाया जा सकता है. इन वजहों को हम चार हिस्सों में बांट कर देख सकते हैं.1.यूपी में चुनावकोरोना मिस मैनेजमेंट को लेकर जिस तरह से जनता और खुद बीजेपी के नेताओं ने यूपी सरकार की आलोचना की है, उससे संघ से लेकर बीजेपी आलाकमान चिंतित है. चुनाव 2022 में हैं लेकिन लगता है टॉप मैनेजमेंट अभी से यूपी का किला ठीक करने में जुटा है. पिछले डेढ़ महीने से यूपी में सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं. संघ से लेकर बीएल संतोष का दौरा हुआ है. कहा गया कि फीडबैक लिया गया है. तो इस फीडबैक का असर योगी कैबिनेट के स्वरूप में बदलाव के तौर पर देखा जा सकता है. योगी ने 10-11 जून को दिल्ली में लगातार दो दिन तक मैराथन मीटिंग की हैं. अमित शाह अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल और संजय निषाद से मिले हैं.अनुप्रिया इससे पहले मोदी कैबिनेट में बतौर स्वास्थ्य राज्यमंत्री काम कर चुकी हैं लेकिन 2019 बीजेपी को मिली प्रचंड जीत के बाद दूसरी बार उन्हें मौका नहीं मिला.(फोटो:amitshah/Twitter)10 जून को डॉ. संजय निषाद और सांसद प्रवीण निषाद अमित शाह से मिले(फोटो:Dr. sanjay Nishad/Twitter)यूपी के नेताओं को साधने का एक और तरीका है केंद्र में जगह. तो कोई ताज्जुब नहीं कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक कैबिनेट में यूपी की लड़ाई से पहले यूपी के सिपहसलारों को ओहदा दिया जाए. इस विस्तार में गठबंधन के दलों का भी ख्याल रखा जा सकता है और अपनी पार्टी के उन लोगों में जोश भरा जा सकता है जो संगठन में बिठा दिए गए हैं. लेकिन बड़ा फोकस हो सकता है कि जाति समीकरण. जितिन प्रसाद पार्टी में आए हैं. चर्चा है कि 12 फीसदी ब्राह्मण वोटर को देखते हुए प्रसाद को योगी कैबिनेट में जगह मिल सकती है. अफसर से बीजेपी नेता बने एके शर्मा का जनवरी से चल रहा इंतजार खत्म हो सकता है.यूपी के अलावा अगले साल उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोव...More Related News
