
मीठे फल से कड़वी बात कह गए कुमार विश्वास, लिखा- 'खबरें पढ़कर तो कोई भी पक जाता है, ये तो चीकू है....'
NDTV India
कुमार विश्वास ने लिखा कि आज सुबह चीकू तोड़ने का मेरा स्वयं-श्लाघापूर्ण आत्मविश्वास, उनके चीकू-परीक्षण सत्र प्रारंभ होते ही नेताओं में नैतिकता की तरह उड़न छू हो गया. ख़ैर...आज तो अपुन पास हो गए.
कवि और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास इन दिनों अपने पिता के साथ समय गुजार रहे हैं. कोरोना काल में वह प्रकृति के करीब रहकर सोशल मीडिया पर कई जानकारिया शेयर करते रहते हैं. कई बार उनकी पोस्ट में कटाक्ष भी छिपा रहता है. आज भी उन्होंने एक ट्वीट किया है, जिसमें कुमार ने लिखा है कि पिताजी के पास रहने का सबसे कठिन समय होता है मेरा हर काम उनके परीक्षक की नज़र से गुजरना. आज सुबह चीकू तोड़ने का मेरा स्वयं-श्लाघापूर्ण आत्मविश्वास, उनके 'चीकू-परीक्षण' सत्र प्रारंभ होते ही नेताओं में नैतिकता की तरह उड़न छू हो गया. ख़ैर...आज तो अपुन पास हो गए. बोले “हम्म...ठीक तोड़े है, अब इन्हें अख़बार में लपेट कर दो दिन रख दो, पक जाएंगे.” ये तो मुझे भी पता है कि खबर पढ़-पढ़कर कोई भी पक जाता है, ये तो फिर भी चीकू हैं. वैसे टीवी के आगे रखने से ज़्यादा जल्दी नहीं पकते ? मने पूछ रए हैं ? आपसे....पिताजी से पूछने पर तो जूताभिषेक का भय है.












