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मिराज-2000 में भारत जोड़कर देखे ये मिसाइल, चीन के दम पर उछलने वाले दुश्मन भी होंगे साइलेंट!
Zee News
Mirage 2000 with Astra Mk1 missile: भारतीय वायुसेना के पास 45 मिराज-2000 लड़ाकू विमान हैं, जो 2040 तक सेवा में रहेंगे. इन विमानों को और ताकतवर बनाने के लिए स्वदेशी Astra Mk1 मिसाइल को इंटीग्रेट करने की जरूरत है. Astra Mk1 की रेंज 90-110 किमी और गति मच 4.5 है. इसकी लागत 2-3 करोड़ रुपये प्रति मिसाइल है, जो MICA से सस्ती है.
Mirage 2000 with Astra Mk1 missile: भारत अपनी वायुसेना की ताकत तो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन को दिखा ही चुका. लेकिन अब भी भारतीय वायुसेना और ताकतवर बनने की क्षमता रखती है. साल 2040 तक मिराज-2000 लड़ाकू विमान सेवा में रहेंगे. एक्सपर्ट्स का मानना है की चौथी पीढ़ी के इन जेट्स को अपग्रेड करने का टाइम आ गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है की चीन की PL-15 और पाकिस्तान की AIM-120C-7 मिसाइल का मुकाबला करने के लिए इंडियन एयरफोर्स को मिराज-2000 में एक स्वदेशी मिसाइल फिट करनी होगी.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








