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मिराज-2000 और Su-30MKI का भी बाप! इंडियन एयरफोर्स के युद्ध शस्त्रागार में ये फाइटर जेट अधिक घातक दावेदार
Zee News
Indian Air Force News: भारत का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान (LCA) तेजस एमके1ए भारतीय वायु सेना के लिए एक बड़ा हथियार बनकर उभरा है. इसकी खासियत ऐसी कि यह आसानी से जंग का मैदान जीत सकता है.
LCA Tejas Mk1A: भारत का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान (LCA) तेजस एमके1ए (Tejas Mk1A) भारतीय वायु सेना (IAF) में एक दुर्जेय शक्ति के रूप में उभर रहा है, जो विशिष्ट हवाई युद्ध परिदृश्यों में मिराज-2000 और सुखोई-30एमकेआई (Mirage-2000, Su-30MKI) जैसे पुराने विमानों को मात देने के लिए तैयार है. अपने निम्न रडार क्रॉस-सेक्शन (RCS), एडवांस लंबी दूरी के एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (LR-AESA) रडार और 160 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता वाली एस्ट्रा एमके-II (Astra Mk-II) बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) के एकीकरण के साथ, तेजस एमके1ए को 'पहले देखो, पहले मारो, बिना देखे जीतो' की रणनीति के तहत डिजाइन किया गया है.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








