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मार्च में कब-कब रखा जाएगा भगवान भोलेनाथ के निमित्त प्रदोष व्रत, नोट कर लें सही डेट और शुभ मुहूर्त
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March Pradosh Vrat 2026 List: प्रदोष व्रत भगवान शिव के निमित्त रखा जाता है. यह दिन भोलेनाथ की उपासना का है और उनकी कृपा पाने का दिन है. आइए जानते हैं कि इस साल मार्च महीने में कब कब प्रदोष व्रत रखा जाएगा.
Pradosh Vrat in March 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व है. यह व्रत शिव जी को समर्पित है जिसके बारे में शिव पुराण में वर्णन मिलता है. ऐसी मान्यता है कि प्रदोष काल में शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से और भोलेनाथ की उपासना करने से बड़ी से बड़ी समस्याओं का अंत हो सकता है. वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है. जो भी शिव भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव से प्रदोष व्रत रखते हैं उस पर भगवान शिव की हमेशा कृपा रहती है. इस कड़ी में हम जानेंगे कि मार्च 2026 में कब कब प्रदोष व्रत रखा जाएगा.
मार्च में कब-कब प्रदोष व्रत है? हिंदू पंचांग की मानें तो फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तिथि 28 फरवरी को रात 08 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगी. अगले दिन 1 मार्च को रविवार के दिन शाम 09 बजकर 11 मिनट पर तिथि का समापन होगा. इस तरह से 1 मार्च को प्रदोष काल के अनुसार प्रदोष व्रत रखा जाएगा. रविवार को व्रत रखा जाएगा इसलिए इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा. प्रदोष व्रत के लिए पूजा का समय 1 मार्च को शाम 06 बजकर 21 मिनट से शाम के 07 बजकर 09 मिनट तक का होगा.
मार्च 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत कब है? पंचांग के अनुसार मार्च 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत यानी चैत्र कृष्ण त्रयोदशी तिथि 16 मार्च 2026 को सुबह 09:40 बजे से लेकर 17 मार्च 2026 को सुबह 09:23 बजे तक रहने वाली है. इस तरह प्रदोष काल में प्रदोष व्रत 16 मार्च को रखा जाएगा. प्रदोष काल में पूजा का मुहूर्त 16 मार्च को शाम 06:30 बजे से लेकर रात को 08:54 बजे तक का होगा. वहीं यह तिथि सोमवार को है तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाएगा.
प्रदोष व्रत रखने के फायदे क्या हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत पर निराहार व्रत का संकल्प करने और शिवजी की पूरी भक्ति भावना के साथ पूजा उपासना करने से उनकी कृपा बनी रहती है. क्रोध, लोभ और मोह से बचने के लिए प्रदोष व्रत किया जा सकता है. इस व्रत को करने से आध्यात्मिक उत्थान होता है और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. जीवन में आने वाले सभी तरह के कष्ट दूर होते हैं. घर में सुख-शांति का संचार होता है और सकारात्मकता बनी रहती है.
(Disclaimer- प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए धन्यवाद. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है.
