
मारुति सुजुकी की गाड़ियां खरीदने की कर रहे हैं प्लानिंग तो जल्दी करें, अगले महीने बढ़ जाएगी कीमत
Zee News
मुल्क की सबसे बड़ी कार मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को कहा कि कच्चे माल की कीमतों में इजाफा की वजह से वह मौजूदा फिनांशियल ईयर की दूसरी तिमाही में अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी.
नई दिल्लीः अगर आप मारुति कंपनी की कोई नई कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इसी महीने अपनी मनपसंद कार खरीद लें. अगर आप इस माह गाड़ी नहीं खरीद पाएंगे तो अगले माह अपको कार की ज्यादा कीमत अदा करनी होगी. दरअसल, मुल्क की सबसे बड़ी कार मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को कहा कि कच्चे माल की कीमतों में इजाफा की वजह से वह मौजूदा फिनांशियल ईयर की दूसरी तिमाही में अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी. एमएसआई ने शेयर बाजार को बताया है कि गुजिश्ता एक साल में कार बनाने में इस्तेमाल होने वाले मुखतलिफ कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से कंपनी के गाड़ियों की लागत पर असर पड़ रहा है। ऐसे में कंपनी के लिए कीमतों में इजाफा के जरिए बढ़े हुए लागत का कुछ भार कस्टमर्स पर डालना लाजिमी हो गया है। बढ़ी कीमतों का अभी जिक्र नहीं कंपनी ने अभी यह नहीं बताया कि कीमतों में कितनी बढ़ोतरी की जाएगी. सभी मॉडल पर कीमतें अलग-अलग हो सकती है. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब मारुति सुजुकी ने अपने कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया हो. इससे पहले कार निर्माता ने अप्रैल में बड़े पैमाने पर कीमतों में बढ़ोतरी की थी. तब मारुति की कारों की कीमत में ज्यादा से ज्यादा 22,500 रुपये तक इजाफा किया गया था. मारुति सुजुकी इस समय देश भर में 14 मॉडल पेश करती है. इनमें से सिर्फ पांच मॉडल इसके प्रीमियम रिटेल आउटलेट-नेक्सा शोरूम के जरिए बेचे जाते हैं। अन्य मॉडलों की बिक्री कंपनी अपने अरीना शोरूम के जरिए करती है।
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.






