
महिंद्रा डिफेंस से 1,300 लड़ाकू गाड़ियां खरीदेगी भारत सरकार, सौदे पर लगी मुहर
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लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल एक आधुनिक लड़ाकू वाहन है और इसे मीडियम मशीनगन्स, ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर्स के साथ-साथ एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों की ढुलाई के लिए विभिन्न लड़ाकू इकाइयों के लिए अधिकृत किया जाएगा.
नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने को कहा कि उसने महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड (एमडीएसएल) के साथ 1,056 करोड़ रुपये की लागत से भारतीय सेना के लिए 1,300 हल्के लड़ाकू वाहनों की खरीद के लिए एक अनुबंध को अंतिम रूप दे दिया है. वाहनों को शामिल करने का काम चार साल में पूरा करने की योजना है. मंत्रालय ने कहा, "रक्षा मंत्रालय ने 'मेक इन इंडिया' को और बढ़ावा देते हुए भारतीय सेना के लिए 1,300 हल्के विशेषज्ञ वाहनों की आपूर्ति के लिए एमडीएसएल के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए." रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल एक आधुनिक लड़ाकू वाहन है और इसे मीडियम मशीनगन्स, ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर्स के साथ-साथ एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों की ढुलाई के लिए विभिन्न लड़ाकू इकाइयों के लिए अधिकृत किया जाएगा." यह रक्षा उद्योग की स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाली एक प्रमुख परियोजना है और सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' और 'मेक इन इंडिया' पहल में एक और मील का पत्थर साबित होगी.
DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.

Astra MkII missile: भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO अब अपनी सबसे आधुनिक मिसाइल Astra MkII को दुनिया भर में बेचने की तैयारी कर रहा है. हालिया रिपोर्ट की मानें तो इस मिसाइल को 2026 के मध्य तक बड़े पैमाने पर उत्पादन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही, कई देशों ने इस भारतीय मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों में लगाने की इच्छा भी जाहिर की है.

Pinaka LRGR-120: भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी कामयाबी हासिल कर ली है, जिसने दुश्मनों की रातों की नींद उड़ा दी है. स्वदेशी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' अब इतना ताकतवर और सटीक हो गया है कि वह 120 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के कमांड सेंटर को पलक झपकते ही तबाह कर सकता है. इसी बीच खबर यह भी है कि फ्रांस ने पिनाका रॉकेट खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. वहीं, US की रिपोर्ट में भी पिनाका रॉकेट की तारीफ की है.






