
मदद के नाम पर China की मुनाफाखोरी: India को भेजी जा रही Medical Supplies के बढ़ते दामों का किया बचाव
Zee News
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग (Hua Chunying) ने कहा कि कोरोना संकट के दौर में भारत की मांग को पूरा करने के लिए हम अपनी कंपनियों को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है, लेकिन अत्यधिक मांग की वजह उन्हें कच्चा माल आयात करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से दाम बढ़े हैं.
बीजिंग: कोरोना (Coronavirus) महामारी की दूसरी लहर को लेकर भारत (India) मुश्किल में है, यह जानते हुए भी चीन (China) मुनाफाखोरी की आदत से बाज नहीं आ रहा है. एक तरफ वह नई दिल्ली की हर संभव मदद का दिखावा करता है, दूसरी तरफ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर (Oxygen Concentrators) जैसी कुछ COVID-19 मेडिकल सप्लाई महंगी करके अपनी जेब भर रहा है. हालांकि, बीजिंग का कहना है कि उसे मजबूरी में कीमत बढ़ानी पड़ी है, क्योंकि भारत की मांग पूरी करने के लिए कच्चा माल आयात करना पड़ रहा है. दरअसल, हांगकांग (Hong Kong) में भारत की दूत प्रियंका चौहान (Priyanka Chauhan) ने हाल में चीन से मेडिकल सप्लाई की कीमतों में बढ़ोतरी रोकने को कहा था. चौहान ने कहा था कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटरों (Oxygen Concentrators) जैसी मेडिकल सप्लाई की कीमतों में बढ़ोतरी और भारत के लिए मालवाहक उड़ानों के बाधित होने की वजह से चिकित्सा सामानों की आवक धीमी हो रही है. अब इसका जवाब देते हुए बीजिंग ने बढ़ती कीमतों को सही करार दिया है.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



