
मई में सरकारी खजाने पर भी रहा 'कोरोना कर्फ्यू', अप्रैल की तुलना में 2923 करोड़ कम राजस्व मिला
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने के लिए मई में राज्य के सभी जिलों में आंशिक कोरोना कर्फ्यू लागू कर दिया था. ज्यादातर आर्थिक गतिविधियां ठप रहीं.
लखनऊ: कोरोना की दूसरी लहर को काबू करने के लिए उत्तर प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू से सरकारी खजाने को काफी नुकसान पहुंचा है.इस वित्तीय वर्ष के मई माह में राज्य सरकार को अप्रैल की तुलना में 2923.94 रुपये कम राजस्व प्राप्त हुआ है. मई महीने में राज्य सरकार को टैक्स और नॉन टैक्स रेवेन्यू के तहत कुल 8272.55 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे. जबकि अप्रैल महीने में 11196.49 रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई थी.
India 6th Generation Fighter jet: फ्रांस, स्पेन और जर्मनी का संयुक्त रूप से चल रहा 6वीं पीढ़ी का फाइटर जेट आपसी मदभेदों की वजह से बंद होने के कगार पर पहुंच गया है. यूरोपीय देशों का विवाद भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. क्योंकि जर्मनी ने भारत को 6वीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोजेक्ट का ऑफर दिया है.

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.









