
भड़काऊ बयान पर हाईकोर्ट की मुनव्वर राना को नसीहत; आप वह क्यों नहीं करते जो आप करते हैं ?
Zee News
अदालत ने मुनव्वर राना की वाल्मीकि समुदाय की तालिबान से तुलना करने के मामले में दर्ज केस में गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.
लखनऊः इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने वाल्मीकि समुदाय की तालिबान से तुलना करने के मामले में हजरतगंज कोतवाली में शायर मुनव्वर राना के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संबंध में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. अदालत ने गुरुवार को राना की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उन्हें अपना काम करना चाहिए और किसी भी समुदाय पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. आप इस तरह की टिप्पणी क्यों करते हैं? न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की पीठ ने यह आदेश पास करते हुए राना के वकील से पूछा, ‘‘आप (राना) इस तरह की टिप्पणी क्यों करते हैं? आप जो काम करते हैं, वह क्यों नहीं करते हैं?’’ राना ने अदालत में सरोकार फाउंडेशन के उपाध्यक्ष पीएल भारती द्वारा उनके खिलाफ 20 अगस्त को दर्ज कराई गई प्राथमिकी को चुनौती दी थी और मामले की विवेचना के दौरान अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का अनुरोध किया था.More Related News
