
भोपाल : कोरोना से जान गंवाने वालों की राख से श्मशान घाट में बनाया जा रहा पार्क, जापानी तकनीक का इस्तेमाल
NDTV India
श्मशान की प्रबंधन समिति के सचिव ममतेश शर्मा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, 15 मार्च से 15 जून तक 90 दिनों के दौरान भदभदा विश्राम घाट में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 6,000 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया गया. ज्यादातर परिवार अस्थियां तो ले गए, लेकिन कोरोना प्रतिबंधों के चलते राख को यही छोड़ गए.
कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर के चलते अप्रैल-मई महीने में देश में कोहराम देखने को मिला. कोरोना के लाखों मामले आए और हजारों की संख्या मौतें हुईं. श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार करने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा है. दूसरी लहर के दौरान संक्रमण से मरने वालों की राख का उपयोग करके मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक श्मशान घाट में पार्क विकसित किया जा रहा है.











